RBI Plastic Notes: ₹10 और ₹20 के लिए UFlex-Spectra की बोली

भारत में प्लास्टिक के नोट की तैयारी तेज, RBI के प्रोजेक्ट में UFlex-Spectra की बोली
भारत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक बैंकनोट लाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। RBI की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Bharatiya Reserve Bank Note Mudran Private Limited (BRBNMPL) के प्रस्तावित पॉलिमर बैंकनोट कार्यक्रम के लिए भारतीय कंपनी UFlex ने अमेरिकी Spectra Systems के साथ मिलकर बोली जमा की है। यह जानकारी 4 अक्टूबर 2026 को सामने आई।
यह प्रक्रिया फिलहाल ₹10 और ₹20 के पॉलिमर बैंकनोटों के फील्ड ट्रायल से जुड़ी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि भारत में मौजूदा कागजी नोट जल्द बंद होने वाले हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित पॉलिमर नोट कागज आधारित नोटों के साथ जारी किए जाने हैं और मौजूदा paper currency को बदलने की कोई योजना इस चरण में नहीं है।
UFlex और Spectra Systems ने क्या किया?
Business Standard की 4 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, UFlex और अमेरिका की Spectra Systems ने संयुक्त रूप से BRBNMPL के polymer banknote programme के लिए bid जमा की है। BRBNMPL ने जुलाई 2026 में polymer banknote substrate की आपूर्ति के लिए global Expression of Interest जारी किया था।
यहां यह समझना जरूरी है कि UFlex और Spectra की संयुक्त बोली को दो अलग-अलग सफल suppliers के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कंपनियां साझेदारी में इस procurement process में शामिल हुई हैं और अभी supplier selection की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
किस तरह के नोटों का ट्रायल होगा?
RBI के प्रस्ताव में ₹10 और ₹20 के polymer banknotes के field trials की बात है। जुलाई 2026 में सरकार ने RBI के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव के तहत दोनों denominations के एक-एक अरब यानी कुल दो अरब नोटों के field trials की योजना है।
सरकार के अनुसार, regular issuance तभी आगे बढ़ेगा जब field trials सफल होंगे। इसलिए अभी इसे पूरे देश में पॉलिमर नोटों की तत्काल शुरुआत कहना सही नहीं होगा।
पॉलिमर बैंकनोट क्या होते हैं?
पॉलिमर बैंकनोट कागज के बजाय एक विशेष security-grade polymer substrate पर बनाए जाते हैं। सामान्य तौर पर इन नोटों को अधिक टिकाऊ माना जाता है और इनमें ऐसे security features शामिल किए जा सकते हैं जो counterfeiting को कठिन बनाते हैं।
भारत में कम denomination वाले नोट लगातार इस्तेमाल होने के कारण जल्दी खराब होते हैं। पॉलिमर सामग्री का परीक्षण इस सवाल का जवाब खोजने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि क्या ज्यादा durable currency लंबे समय में printing और replacement की जरूरत कम कर सकती है।
BRBNMPL के tender में क्या मांगा गया है?
BRBNMPL के tender में Biaxially Oriented Polypropylene यानी BOPP आधारित polymer substrate मांगा गया है। Business Standard के अनुसार, सामग्री पर uniform opacifying ink और anti-static coating जैसी आवश्यकताएं रखी गई हैं, ताकि printing और ink adhesion के लिए उपयुक्त surface मिल सके।
टेंडर में लगभग 68,000 reams की आवश्यकता बताई गई थी, जिसमें ₹10 और ₹20 denominations के लिए 34,000-34,000 reams शामिल हैं। Samples को technical evaluation और testing process से गुजरना होगा।
UFlex-Spectra partnership क्यों महत्वपूर्ण है?
UFlex polymer और flexible packaging क्षेत्र में काम करने वाली भारतीय कंपनी है, जबकि Spectra Systems currency authentication और security technologies से जुड़ी अमेरिकी कंपनी है। दोनों की संयुक्त भागीदारी polymer substrate और banknote security capabilities को एक proposal में जोड़ती है।
Spectra की अपनी 2026 regulatory disclosure में भी भारत में polymer conversion से संबंधित संभावित order और UFlex के साथ partnership का उल्लेख किया गया है। इससे यह पुष्टि होती है कि दोनों कंपनियों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की संभावना पहले से मौजूद थी।
क्या सिर्फ UFlex-Spectra ने बोली लगाई है?
नहीं। उपलब्ध reporting से पता चलता है कि BRBNMPL की procurement process में कई domestic और international participants की रुचि है। अगस्त में Indian Express ने Cosmo First और De La Rue partnership तथा Australia की CCL Secure सहित अन्य bidders की जानकारी दी थी।
इसलिए UFlex-Spectra की bid को tender का अंतिम चयन नहीं माना जा सकता। अलग-अलग bidders के polymer samples और security capabilities को निर्धारित technical requirements के आधार पर evaluate किया जाना है।
BRBNMPL polymer sheets की testing कैसे करेगा?
BRBNMPL की प्रक्रिया में bidders द्वारा दिए गए samples का परीक्षण अलग-अलग climatic zones में किया जाना है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि proposed polymer substrate भारत की विभिन्न मौसम और handling conditions में आवश्यक standards पूरा करता है या नहीं।
जो samples qualifying requirements पूरी करेंगे, उनके suppliers आगे final tender process में भाग लेने के लिए eligible हो सकते हैं। इसका मतलब है कि current bid submission के बाद भी कई technical और procurement stages बाकी हैं।
क्या भारत में कागज के नोट बंद हो जाएंगे?
नहीं, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी ऐसा नहीं कहती। जुलाई 2026 में लोकसभा में सरकार की ओर से बताया गया था कि polymer banknotes को paper-substrate banknotes के साथ जारी करने का प्रस्ताव है। मौजूदा कागजी मुद्रा को polymer notes से पूरी तरह replace करने की कोई योजना नहीं बताई गई।
इसलिए सोशल मीडिया पर समय-समय पर सामने आने वाले ऐसे दावों से सावधान रहना जरूरी है कि किसी निश्चित तारीख से सभी paper notes बंद हो जाएंगे। जून 2026 में सरकार के fact-checking system ने भी paper currency को तत्काल plastic currency से बदलने संबंधी viral claims को गलत बताया था।
प्लास्टिक नोट लाने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
कम denomination वाले नोट रोजमर्रा के लेनदेन में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होते हैं। लगातार handling, moisture और सामान्य wear के कारण ऐसे नोटों की usable life कम हो सकती है। Polymer currency की ज्यादा durability को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, RBI ने 2025-26 में currency notes की printing पर लगभग ₹4,875 करोड़ खर्च किए। ऐसे में यदि ज्यादा टिकाऊ banknotes लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकें, तो currency replacement और disposal economics पर संभावित असर का अध्ययन किया जा सकता है।
हालांकि, केवल polymer substrate अपनाने से कितनी वास्तविक बचत होगी, यह field trials और आगे के cost analysis के बाद ही स्पष्ट होगा।
क्या पॉलिमर नोट ज्यादा सुरक्षित होंगे?
Polymer banknotes में transparent windows, specialised inks और अन्य security features जैसी technologies इस्तेमाल की जा सकती हैं। BRBNMPL के procurement requirements में भी advanced security features को integrate करने की जरूरत बताई गई है।
लेकिन किसी नए नोट को केवल material के आधार पर पूरी तरह counterfeit-proof कहना सही नहीं होगा। सुरक्षा कई layers पर निर्भर करती है, जिसमें substrate, printing technology, security features और authentication systems शामिल हैं।
पॉलिमर नोटों का पर्यावरण पर क्या असर होगा?
Polymer banknotes की लंबी life एक संभावित फायदा हो सकती है क्योंकि कम बार replacement की जरूरत पड़ सकती है। दूसरी तरफ polymer एक अलग material है और इसके production तथा end-of-life disposal से जुड़े environmental questions भी होते हैं।
इसलिए भारत के लिए field trial केवल durability का परीक्षण नहीं होगा। बड़े पैमाने पर regular issuance पर विचार करने से पहले लागत, recycling/disposal, security, public acceptance और operational suitability जैसे मुद्दों का भी मूल्यांकन महत्वपूर्ण होगा।
क्या इससे UPI और digital payments पर असर पड़ेगा?
अभी ऐसा कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सरकार को दिए गए जवाब में कहा गया था कि polymer banknotes की शुरुआत preliminary stage में है और digital payments पर इसका प्रभाव regular issuance के बाद ही आंका जा सकेगा। साथ ही cash और digital payment systems को complementary payment tools के रूप में देखा गया है।
इसलिए polymer notes का उद्देश्य digital payments को replace करना नहीं बताया गया है। भारत में cash और digital transactions दोनों अलग-अलग उपयोग परिस्थितियों में महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
भारत में polymer notes कब आ सकते हैं?
फिलहाल कोई nationwide launch date घोषित नहीं की गई है। पहले ₹10 और ₹20 polymer notes के field trials होंगे। इसके बाद परीक्षणों के परिणामों के आधार पर regular issuance पर विचार किया जाएगा।
इसलिए 2026 में उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही होगा कि भारत polymer currency के trial और procurement stage में आगे बढ़ रहा है, न कि पूरे देश में paper notes को तुरंत हटाने के चरण में।
भारत के polymer note project की स्थिति
| मुद्दा | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| मुख्य denominations | ₹10 और ₹20 |
| प्रस्तावित field-trial मात्रा | दोनों denominations के 1-1 अरब नोट |
| Procurement agency | BRBNMPL |
| मुख्य substrate | BOPP-based polymer substrate |
| UFlex-Spectra | संयुक्त bid submitted |
| Paper currency replacement | ऐसी कोई योजना नहीं बताई गई |
| Nationwide polymer rollout | अभी तय नहीं |
आगे क्या होगा?
अब procurement process में technical evaluation और testing महत्वपूर्ण चरण होंगे। BRBNMPL को प्राप्त polymer substrate samples की जांच के बाद qualifying suppliers आगे की tender प्रक्रिया में जा सकते हैं।
यदि field trials सफल रहते हैं, तो ₹10 और ₹20 polymer banknotes की regular issuance पर विचार किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए final procurement, testing results और regulatory decisions जरूरी होंगे।
FAQ
क्या RBI भारत में plastic notes ला रहा है?
RBI ने ₹10 और ₹20 denomination के polymer banknotes के field trials के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। सरकार ने इस proposal को मंजूरी दी है, लेकिन nationwide replacement अभी तय नहीं है।
UFlex और Spectra Systems ने क्या किया?
4 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार UFlex ने अमेरिकी Spectra Systems के साथ साझेदारी में प्रस्तावित polymer banknote programme के लिए bid जमा की है।
क्या ₹10 और ₹20 के कागजी नोट बंद होंगे?
नहीं। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार polymer notes को paper-based notes के साथ जारी करने का प्रस्ताव है। मौजूदा paper currency को replace करने की योजना नहीं बताई गई है।
कितने polymer notes का trial होगा?
सरकार के अनुसार ₹10 और ₹20 के एक-एक अरब polymer banknotes, यानी कुल दो अरब notes, field trials के लिए प्रस्तावित हैं।
क्या polymer notes 2026 में पूरे भारत में आ जाएंगे?
अभी ऐसी कोई nationwide launch date तय नहीं है। पहले field trials और technical evaluation होंगे, जिसके परिणामों के बाद regular issuance पर फैसला हो सकता है।
निष्कर्ष
भारत में polymer banknotes की दिशा में प्रक्रिया अब procurement और testing के अगले चरण में पहुंच रही है। UFlex और Spectra Systems की संयुक्त bid इस project की ताजा developments में से एक है, लेकिन supplier का अंतिम चयन और व्यापक स्तर पर polymer currency जारी करने का फैसला अभी बाकी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI का polymer note project मौजूदा paper currency को तुरंत खत्म करने की योजना नहीं है। फिलहाल फोकस ₹10 और ₹20 के field trials पर है। इन परीक्षणों से durability, security, लागत और व्यवहारिक उपयोग से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद ही भारत में polymer banknotes के भविष्य का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
Editorial note: यह रिपोर्ट 5 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। UFlex-Spectra की bid को अंतिम tender award न माना जाए; procurement और field-trial प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर जानकारी बदल सकती है।
SOURCE SECTION
Sources
- Business Standard – UFlex, US firm Spectra enters race for proposed polymer banknote programme
- The Indian Express – Polymer banknote bidders and BRBNMPL procurement process
- The Indian Express – RBI ₹10 and ₹20 polymer note field trial
- News On AIR – Government approves RBI proposal for ₹10 and ₹20 polymer banknotes
- Business Standard – Government clarification on plastic-note replacement claims
- Spectra Systems – 2026 interim results and India polymer opportunity
AUTHOR
By Ali Hayder Mallick







